व्यक्तित्व –  कुलदीप नैय्यर का जाना, एक क़द का उठ जाना

व्यक्तित्व – कुलदीप नैय्यर का जाना, एक क़द का उठ जाना

कुलदीप नैयर का जाना पत्रकारिता में सन्नाटे की ख़बर है। छापे की दुनिया में वे सदा मुखर आवाज़ रहे। इमरजेंसी में उन्हें इंदिरा गांधी ने बिना मुक़दमे के ही धर लिया था। श्रीमती गांधी के कार्यालय में अधिकारी रहे बिशन टंडन ने अपनी डायरी में लिखा है उन दिनों किसी के लिए यह साहस जुटा […]

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 सवाल करना पत्रकार का अधिकार होना चाहिए

सवाल करना पत्रकार का अधिकार होना चाहिए

20 जुलाई को दिल्ली विश्वविद्यालय के भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय में हिंदी और हिंदी पत्रकारिता विभाग ने पुनश्चर्या कार्यक्रम का आयोजन किया. जिसमे श्री.के.जी. / सुरेश (डी.जी.आई.आई.एम),श्री संजय नंदन, वरिष्ठ पत्रकार (ए ,बी.पी.न्यूज़), प्रो.सुधा सिंह (दिल्ली विश्वविद्यालय ), श्री दीपांशु श्रीवास्तव ,अध्यक्ष (प्रबंध समिति) को बतौर मुख्यातिथि आमंत्रित किया गया. कार्यक्रम का आरम्भ द्वीप उज्जवलन और […]

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 अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस –  मीडिया की स्वतंत्रता है बुनियादी जरूरत

अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस – मीडिया की स्वतंत्रता है बुनियादी जरूरत

3 मई को अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रेस की आज़ादी को लेकर इस दिन की शुरुआत की थी. प्रत्येक लोकतांत्रिक और जागरूक देश में प्रेस या मीडिया की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. प्रेस किसी भी समाज का आइना होता है. प्रेस की आज़ादी से यह बात साबित […]

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 ये पत्रकारिता नही है बंधू

ये पत्रकारिता नही है बंधू

सवाल ये है कि आज पत्रकारिता किधर जा रही है ? आज का पत्रकार ,पत्रकार है या फिर ज़ोर , ज़ोर से चीखने वाला , धमकाने वाला या फिर अपने डिबेट में किसी को बुला कर बेइज़्ज़त करने वाला ,मज़ाक उड़ाने वाला गुंडा। जब , जब टीवी चैनल की बहस देखो दिमाग खराब हो जाता […]

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 रवीश होने में जोखिम बहुत हैं

रवीश होने में जोखिम बहुत हैं

सलीम अख्तर सिद्दीकी – जरा याद कीजिए आपने यह कब देखा था कि कोई रिपोर्टर सत्ताधारी पार्टी के अध्यक्ष के बेटे के बारे में कोई खबर लिखे और रिपोर्टर पर 100 करोड़ का मानहानि का मुकदमा दायर हो जाए? कितने लोगों को यह पता था कि इसी रिपोर्टर रोहिणी सिंह ने सोनिया गांधी के दामाद […]

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