नज़रिया – जनता किसी गिनती में भी है क्या ?

नज़रिया – जनता किसी गिनती में भी है क्या ?

आपकी तादाद सिर्फ “वोट” के लिए गिनी जाती है,की ये इतनी आबादी है,वरना बताइये कहा है आपकी गिनती? क्या समझते है आप 110000 हज़ार करोड़ के घोटालें,9000 करोड़ का गबन और 2 लाख करोड़ का स्कैम ये जो बड़ी बड़ी गिनतियां आपको गिनाई जा रही है ये क्या है। ये इतनी बड़ी बड़ी रकमें मज़ाक […]

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