जर्मनी, हिटलर और दोनों का त्रासद अंत

जर्मनी, हिटलर और दोनों का त्रासद अंत

1937 तक आते आते नाज़ी पार्टी खत्म हो गयी थी और अगर कुछ बचा था, तो हिटलर, उन्माद और गोएबेल। लोकतांत्रिक माध्यम से पाई सत्ता कैसे शनैः शनैः झूठ, जुमलों, घृणा, दुष्प्रचार, मिथ्या अहंकार आदि आदि के लबादों में छिपते छिपाते एक बर्बर तानाशाही का रूप ले लेती है, यह जर्मनी के इतिहास का यह […]

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