नज़रिया – क्या आप किसी पार्टी को वोट देकर उसके गुलाम बन जाते हैं

नज़रिया – क्या आप किसी पार्टी को वोट देकर उसके गुलाम बन जाते हैं

वोट देना आपका अधिकार है, जिसे चाहें उसे वोट दें. आपको भाजपा अच्छी लगती है उसे वोट दीजिये. कांग्रेस या अन्य क्षेत्रीय पार्टियों की नीतियां आपको पसंद हैं तो उसे वोट दें,पर अपने चुने गए सांसदों और विधायकों से सवाल तो करिए? क्या आप किसी पार्टी को वोट देकर उसके गुलाम बन जाते हैं. भाई […]

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 प्रधानमंत्री और उद्योगपति- पार्ट – 1: "गौतम अडानी"

प्रधानमंत्री और उद्योगपति- पार्ट – 1: "गौतम अडानी"

उद्योगपति कोई किसान या मज़दूर की तरह विशाल संख्या वाला समुदाय नहीं है। उद्योगपति के साथ जब नरेन्द्र मोदी खड़े होने की बात करते हैं तो आप उंगलियों पर गिन सकते हैं कि वो किनके साथ खड़े हैं। ये कौन लोग हैं, इनका रिकॉर्ड क्या रहा है? इन्होंने ‘देश के लिए’ क्या किया और सिस्टम […]

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 वर्तमान भारतीय राजनीति का चरित्र घटिया और भयावह हो चला है

वर्तमान भारतीय राजनीति का चरित्र घटिया और भयावह हो चला है

मुद्दे कई हैं नजर में। उनमें से कुछ अहम मुद्दे आज के हिंदुस्तान की जो डरावनी सूरत पेश करते हैं, उन्हें लिखना लाज़िमी जान पड़ा तो लिख रहा हूँ।  सबसे अव्वल तो यह कि मैं बिहार से हूँ और सब दिन बिहार में ही रहा। इसलिए बिहार को जानता भी हूँ अच्छे से। बड़ा प्यार […]

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 समकालीन भारतीय राजनीति में गठबंधन का सिर्फ एक नियम होता है, 'सत्ता'

समकालीन भारतीय राजनीति में गठबंधन का सिर्फ एक नियम होता है, 'सत्ता'

भारत में राजनीति जैसा विषय नया नहीं है, ये हर्यक वंश से पहले भी पहचान रखता था और आज भी रखता है। शुद्ध राजनीति का अस्तित्व स्वतंत्रता के पश्च्यात ही देखने को मिलता है और आज़ादी ने भारतीय राजनीति को राजनीतिक संगठनो की सीमाओं में बाँध दिया है,विभिन्न विचारधाराओ ने राजनीति के विभिन्न रूपों को […]

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 चुनावी नतीजे, विपक्ष के लिए कड़ा सबक

चुनावी नतीजे, विपक्ष के लिए कड़ा सबक

परिवर्तन प्रकृति का नियम है। हर क्षेत्र में बदलाव होता है। राजनीति भी इससे अछूती नहीं। 2014 में किसी ने उम्मीद नहीं लगाई थी कि 70 साल से केंद्र में पूर्ण बहुमत के लिए भटक रही भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत से भी ज्यादा 340 सीटें जीतकर विपक्ष को मटियामेट कर देगी। नरेंद्र मोदी का […]

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