नज़रिया – क्या देश के ही नागरिकों से भेदभाव कर विश्वशक्ति बन पायेगा भारत?

नज़रिया – क्या देश के ही नागरिकों से भेदभाव कर विश्वशक्ति बन पायेगा भारत?

कल मेरे एक संघी मित्र ने कहा कि आप क्या सोचते हैं कि – “यदि देश का बटवारा नहीं हुआ होता तो आज भारत दुनिया की एक बड़ी शक्ति होता ?” मैंने कहा – “निश्चित रूप से परन्तु भारत दुनिया की एक बड़ी शक्ति बटवारे के बावजूद भी बन सकता था यदि देश में देशवासियों […]

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