नज़रिया – क्या सरकार खुदको राष्ट्र मान बैठी है ?

नज़रिया – क्या सरकार खुदको राष्ट्र मान बैठी है ?

यह सरकार खुद को ही राष्ट्र मान बैठी है। इसे लगता है कि अगर इस सरकार की निंदा की जा रही है तो वह राष्ट्र की निंदा है। अगले चरण में सरकार का मुखिया ही खुद को राष्ट्र का पर्यायवाची घोषित कर देगा। उसकी यह कोशिश शुरू भी हो गयी है। उनकी नज़र में, राष्ट्रनिर्माण […]

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