नज़रिया – फ़र्ज़ी मुठभेड़ें सिर्फ और सिर्फ एक हत्या है

नज़रिया – फ़र्ज़ी मुठभेड़ें सिर्फ और सिर्फ एक हत्या है

एनकाउंटर स्पेशलिस्ट, यह शब्द किसने और कहां ईजाद किया है, यह मैं नहीं बता पाऊंगा। पर पुलिस के कुछ मुठभेड़ों की वास्तविकता जानने के बाद, यह शब्द हत्या का अपराध करने की मानसिकता का पर्याय बन गया है। अगर सभी मुठभेड़ों की जांच सीआईडी से हो जाय तो बहुत कम पुलिस मुठभेड़ें कानूनन और सत्य […]

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