मौत के वक्त लिटरेचर के नोबल के लिए नामित हो चुके थे “फ़ैज़”

मौत के वक्त लिटरेचर के नोबल के लिए नामित हो चुके थे “फ़ैज़”

“वो लोग बहुत खुशकिस्मत थे, जो इश्क को काम समझते थे या काम से आशिकी करते थे, हम जीते जी मसरूफ रहे” एक फौजी अफसर, एक पॉलिटिशियन, एक डिप्लोमेट, एक क्रांतिकारी, और उर्दू अरबी का अध्येता, फैज अहमद फैज की मसरूफ जिंदगी का किस्सा स्यालकोट से शुरू होता है। अंग्रेजी में एमए फ़ैज़ , ब्रिटीश […]

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 जब प्रोटोकाल तोड़कर फ़ैज़ से मिले थे अटल बिहारी वाजपेयी

जब प्रोटोकाल तोड़कर फ़ैज़ से मिले थे अटल बिहारी वाजपेयी

बतौर विदेश मंत्री अटल बिहारी बाजपेई पाकिस्तान के आधिकारिक दौरे पर थे।प्रोटोकॉल तोड़ कर फ़ैज़ से मिलने उनके घर गए।सब चकित। दोनों दो तरह से सोचने वाले ।फ़ैज़ भी चकित।मिलने पर वाजपेईजी ने कहा – मैं सिर्फ एक शेर के लिए आप से मिलने आया हूं। और शेर पढ़ा – मक़ाम ‘फ़ैज़’ कोई राह में […]

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 नज़रिया – धर्म नही बल्कि जनता का जाग जाना, सत्ता की चिंता की वजह है

नज़रिया – धर्म नही बल्कि जनता का जाग जाना, सत्ता की चिंता की वजह है

पाकिस्तान, भारत और बांग्लादेश, एक ही वतन और एक ही बदन के दो हिस्से थे, अब तीन हैं। 1947 का बंटवारा, एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक भूल, राजनीतिक महत्वाकांक्षा, पागलपन भरे दौर, और अंग्रेजों की साज़िश का दुष्परिणाम था। यह बंटवारा मुझे फ़र्ज़ी, अतार्किक और बनावटी लगता है। लेकिन इधर कुछ बड़ी सकारात्मक चीज़े हुयी हैं। […]

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