नज़रिया – ये नाम बदलने वाली राजनीति दकियानूसी और सांप्रदायिक कुंठा का प्रतीक है

नज़रिया – ये नाम बदलने वाली राजनीति दकियानूसी और सांप्रदायिक कुंठा का प्रतीक है

सावरकर ने अंग्रेज़ों को माफीनामा लिखा, आपने उन्हें ‘वीर’ माना और सावरकर के नाम के साथ वीर सावरकर लिख दिया, किसी ने रोका क्या? पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने देश में सांप्रदायिक बीज बोने में महत्तवपूर्ण योगदान दिया, आपने उन्हें अपना आदर्श माना किसी ने रोका क्या? आपने दीन दयाल उपाध्याय के नाम मुग़ल सराय रेलवे […]

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