नोटबन्दी – एक मास्टरस्ट्रोक जो बाउंड्री पर कैच हो गया

नोटबन्दी – एक मास्टरस्ट्रोक जो बाउंड्री पर कैच हो गया

नोटबन्दी या विमुद्रीकरण का फैसला कैबिनेट का था या किचेन कैबिनेट का यह न तब पता लग पाया और न ही कोई आज बताने जा रहा है। जब कभी कोई किताब लिखी जायेगी या इस मास्टरस्ट्रोक से जुड़ा कोई नौकरशाह मुखर होगा और अपने महंगे संस्मरण की किताब अंग्रेजी में लिखेगा तो, हो सकता है, […]

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 नोटबंदी, और आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुरामराजन की किताब आई डू, व्हाट आई डू

नोटबंदी, और आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुरामराजन की किताब आई डू, व्हाट आई डू

8 नवम्बर 2016 को रात्रि 8 बजे जब प्रधानमंत्री जी ने खुद ही टीवी पर आकर 1000 और 500 रुपये के नोटों को लीगल टेंडर या अमान्य कर देने की घोषणा की तो देश की कोई तात्कालिक प्रतिक्रिया तब नहीं हुई। लोग अचानक हुयी इस घोषणा से अवाक थे। पर दूसरे दिन, लोगों ने चर्चा […]

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 क्या नोट बंदी देश के लिए आर्थिक आपातकाल साबित हुआ ?

क्या नोट बंदी देश के लिए आर्थिक आपातकाल साबित हुआ ?

देश में दो बार आपातकाल लगा पहली बार 1975 में इंदिरा गांधी ने देश में उठ रहे विपक्षी नेताओं के आवाज़ को दबाने के लिए इंदिरा गांधी के द्वारा ने देश में आपातकाल लगा दिया. जिसमें जनता कम नेता अधिक प्रभावित हुए बोलने की आज़ादी छीन ली गई देश भर के छोटे बड़े नेता को […]

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 अर्थव्यवस्था पर यशवंत सिन्हा के लेख के बाद घिरी मोदी सरकार

अर्थव्यवस्था पर यशवंत सिन्हा के लेख के बाद घिरी मोदी सरकार

बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने मोदी सरकार को जमकर कोसा. अंग्रेजी अख़बार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में ‘मुझे अब बोलने की आवश्यकता है’ शीर्षक से लिखे आर्टिकल में सरकार की वित्तीय नीतियों की जमकर आलोचना की.उन्होंने सरकार की डीमोनेटाइजेशन से लेकर जीएसटी पर अपनी बेबाक राय प्रकट की है. खास बात […]

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