जलते घरो को देखने वालो पूष का छप्पर आपका है आग़ के पीछे तेज़ हवा है आगे मुकद्दर आपका है

जलते घरो को देखने वालो पूष का छप्पर आपका है आग़ के पीछे तेज़ हवा है आगे मुकद्दर आपका है

“जलते घरो को देखने वालो पूष का छप्पर आपका है आग़ के पीछे तेज़ हवा है आगे मुकद्दर आपका है” इन पंक्तियों का उपयोग यहाँ कुछ विशेष लोगो के लिए किया जा रहा है वो लोग जो पिछले कुछ घंटो से अपने साहसिक कार्यो से भगवा वाह वाही लूट रहे है भारतीय राजनीति को निचले […]

Read More