ऐसे नाज़ुक वक़्त में हालात को मत छेड़िए – अदम गोंडवी

ऐसे नाज़ुक वक़्त में हालात को मत छेड़िए – अदम गोंडवी

आज के मौजूं पर अदम गोंडवी साहब की कुछ मेरी पसंदीदा ग़ज़लें आँख पर पट्टी रहे और अक़्ल पर ताला रहे अपने शाहे-वक़्त का यूँ मर्तबा आला रहे तालिबे शोहरत हैं कैसे भी मिले मिलती रहे आए दिन अख़बार में प्रतिभूति घोटाला रहे एक जनसेवक को दुनिया में अदम क्या चाहिए चार छ: चमचे रहें माइक रहे […]

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