खुशवंत सिंह ने कहा था – विविधतावादी को नकारना, भारत की अवधारणा के खिलाफ है

खुशवंत सिंह ने कहा था – विविधतावादी को नकारना, भारत की अवधारणा के खिलाफ है

अंग्रेजी के प्रसिद्ध पत्रकार और लेखक खुशवंत सिंह का यह उद्धरण,  द एंड ऑफ इंडिया, जो 2003 में प्रकाशित उनकी पुस्तक है, से लिया गया है। इस उद्धरण का पहले हिंदी अनुवाद पढ़ें ‘हर फ़ासिस्ट सरकार को ऐसे समाज और समूहों की आवश्यकता पड़ती है, जिनका आसुरिकरण कर वे अपनी जड़ें जमा सकें। शुरुआत में […]

Read More