व्यंग – एक बोतल और क़सम पर बिकता लोकतंत्र

व्यंग – एक बोतल और क़सम पर बिकता लोकतंत्र

रामलाल अपने दरवाजे पर निश्चिन्त बैठा हुआ था. उतना ही निश्चिन्त जितना कि दोनों हाथों से तंबाकू बनाते हुए एक आम भारतीय हो सकता है. चुनाव से पहले भारत में एक खास प्रकार का रोजगार पैदा होता है. ये रोजगार सरकार पैदा नहीं करती. ये उनकी जरुरत बन जाती है. इसे जनता अपनी चालाकी से […]

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 व्यंग – भाजपा मेम्बरशिप की भावी ख़बरें कुछ ऐसी हो सकती हैं

व्यंग – भाजपा मेम्बरशिप की भावी ख़बरें कुछ ऐसी हो सकती हैं

इन दिनों दुनिया की कथित सबसे पार्टी कहलाने वाली भाजपा में जाने वालों की संख्या में तेज़ी आयी है, साथ ही विधायकों की खरीद फरोख्त चरम पर है, कैसे भी करके भाजपा की झोली भरना है, अगर ऐसा ही रहा तो भविष्य में भाजपा के सदस्यता अभियान के बारे में छपने वाली ख़बरें शायद कुछ […]

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 व्यंग – आधुनिक ठग विद्या

व्यंग – आधुनिक ठग विद्या

मानव सभ्यता के इतिहास में मनुष्य की जो सबसे बड़ी उपलब्धि है वह है आधुनिक चिकित्सा विज्ञान। पश्चिमी चिकित्सा विज्ञानियों ने यदि घर के सारे काम छोड़कर शोध एवं अनुसंधान नहीं किया होता, नए-नए आधुनिक चिकित्सकीय उपकरण, पैथोलॉजिकल टेस्ट प्रणालियाँ, दवा-गोलियाँ, इन्जेक्शन ईजाद नहीं किये होते तो हज़ारों अनोखी बीमारियों से ग्रस्त हमारे देश के […]

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