दिल्ली हिंसा की न्यायिक जांच क्यो नहीं ?

दिल्ली हिंसा की न्यायिक जांच क्यो नहीं ?

23 फरवरी को दिल्ली में हो रहे सीएए विरोधी आंदोलन के दौरान कुछ आंदोलनकारियों ने उत्तर पूर्वी दिल्ली के इलाके की एक सड़क पर धरना देना शुरू कर दिया और उससे यातायात बाधित हो गया। इस पर सरकार समर्थित सीएए के पक्ष में कुछ लोग भाजपा नेता कपिल मिश्र के साथ वहां पहुंचे और इसका […]

Read More
 वीडियो क्लिप में उत्पीड़कों को देखा जा सकता है, पर केस ‘अज्ञात लोगों’ के खिलाफ

वीडियो क्लिप में उत्पीड़कों को देखा जा सकता है, पर केस ‘अज्ञात लोगों’ के खिलाफ

चेहरा पहचानने वाली अमित शाह की टेक्नालॉजी को पछाड़ दे रही है वर्दी वीडियो क्लिप में उत्पीड़कों को देखा जा सकता है पर केस ‘अज्ञात लोगों’ के खिलाफ है। आज द टेलीग्राफ में प्रकाशित इमरान अहमद सिद्दीक की खबर – 23 साल के फैजान की हत्या के लिए पुलिस ने ‘अज्ञात लोगों’के खिलाफ मामला दर्ज […]

Read More
 क्या दिल्ली में जो कुछ हुआ, वो किसी नफ़रती प्रोजेक्ट का हिस्सा है ?

क्या दिल्ली में जो कुछ हुआ, वो किसी नफ़रती प्रोजेक्ट का हिस्सा है ?

यह ना संयोग है ना प्रयोग बल्कि एक प्रोजेक्ट है जिसे बहुत तेजी से पूरा किया जा रहा है। भारत को ‘हम’ और ‘वे’ में बांट देने का प्रोजेक्ट, जिसके लिये कई दशकों से प्रयास किया जा रहा था। दिमागों में पैदा किये गये विभाजन और हिंसा अब जमीन पर दिखाई पड़ने लगी है। जिसके […]

Read More
 दिल्ली : चांदबाग़ – सावित्री की शादी में सुरक्षा की ढाल बने स्थानीय मुस्लिम

दिल्ली : चांदबाग़ – सावित्री की शादी में सुरक्षा की ढाल बने स्थानीय मुस्लिम

ध्यान से पढ़ना, यह वही चाँद बाग है जिसे कुछ लोग बदनाम आकर रहे हैं दंगाई के रूप में। दिल्ली में हुई हिंसा के बीच चांदबाग के मुस्लिम बहुल इलाके में रहने वाली एक हिन्दू लड़की का परिवार शादी रद्द करने के लिए मजबूर था। मगर मुस्लिम पड़़ोसियों की मदद से किसी तरह तय समय […]

Read More
 क्या गुजरात मॉडल के लागू करने में सबसे बड़ा रोड़ा बन गए थे जस्टिस मुरलीधर?

क्या गुजरात मॉडल के लागू करने में सबसे बड़ा रोड़ा बन गए थे जस्टिस मुरलीधर?

दिल्ली हिंसा पर सुनवाई करने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस एस. मुरलीधर का रातों-रात तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर कर दिया गया है। जस्टिस एस. मुरलीधर ने अपनी सुनवाई के दौरान भकड़ाऊ बयान देने वाले बीजेपी नेताओं पर FIR दर्ज करने की बात कही थी और दिल्ली पुलिस को भी जमकर लताड़ लगाई थी। हालांकि […]

Read More
 दिल्ली हिंसा – पुलिस की भूमिका पर उठते सवाल

दिल्ली हिंसा – पुलिस की भूमिका पर उठते सवाल

आज़ादी के बाद 1984 के दंगों को छोड़ दें तो दिल्ली में दंगों का इतिहास नहीं रहा है। उस दंगे में भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा था, और आज जब दिल्ली हिंसा पर बात हो रही है तो कठघरे में पुलिस ही है। इस दंगे में पुलिस अपना प्रोफेशनल दायित्व निभाने में असफल […]

Read More
 नज़रिया – क्या यह सब प्रायोजित हिंसा थी ?

नज़रिया – क्या यह सब प्रायोजित हिंसा थी ?

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में जो कुछ भी हुआ है उसे हिन्दू-मुस्लिम दंगा कत्तई नहीं कहा जा सकता। यह पूरी तरह से राज्य-प्रायोजित हिंसा थी। जिसमें पुलिस की उपस्थिति में, और ज्यादातर जगहों पर पुलिस की सक्रिय भागीदारी के साथ, हिन्दुत्ववादी फासिस्ट गिरोहों ने मुस्लिम बस्तियों पर हमले किये। मस्जिदों, मज़ार, मदरसे और मुस्लिम घरों-दुकानों को ही […]

Read More