क्या राजनेता जनता और डेटा के फ़र्क को समझेंगे?

क्या राजनेता जनता और डेटा के फ़र्क को समझेंगे?

यूपीए ने 2014 के चुनाव से पहले सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न दे दिया था शायद ये सोच कर कि सचिन के चाहने वाले आंख बंद कर के कांग्रेस को वोट दे आयेंगे – पर ऐसा हुआ नहीं. अब मोदी ने भी वही प्रयोग किया है प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न दे कर और सोच […]

Read More
 नज़रिया – जनता को बेवकूफ़ बनाती हैं राजनीतिक पार्टियां

नज़रिया – जनता को बेवकूफ़ बनाती हैं राजनीतिक पार्टियां

हमारे संविधान में दिए गए प्रावधानों के अनुसार, हमें पांच साल बाद चुनाव कराने होते हैं। 1952 से इस रिहर्सल का बार-बार दोहराया गया है। राजनीतिक लोग आपस में सहयोगी व एक ही सोच के हैं। उन्होंने राजनीति जिसको कभी समाज सेवा का रूप माना जाता था, को अपना व्यवसाय, पार्टी व टीम बना एक […]

Read More