आखिर 'मंटों' ने कम्युनिष्टों को क्यों कहा – मैं उन्हें ठग मानता हूं.

आखिर 'मंटों' ने कम्युनिष्टों को क्यों कहा – मैं उन्हें ठग मानता हूं.

इसे  विडंबना ही कहा जाएगा कि कुछ महान शख्सियतें कागज के पन्नों पर इन्सानी जिंदगी, समाज और इतिहास की विडंबनाओं की परतों को उघाड़ने में जितनी माहिर होती हैं उनकी खुद की जिंदगी उन्हें इतना मौका नहीं देती कि वे बहुत ज्यादा वक्त तक लिखते रहें. शख्सियतों की इसी फेहरिस्त में एक नाम है- सआदत […]

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