नज़रिया – दलित एवं सवर्ण राजनीति के भवंर में फंसी भाजपा

नज़रिया – दलित एवं सवर्ण राजनीति के भवंर में फंसी भाजपा

दलित आन्दोलन की तर्ज़ पर इस बार मध्यप्रदेश में स्वर्ण आन्दोलन की चर्चा है. SC/ST एक्ट में बदलाव की मांग सवर्णों के द्वारा पूरी ताक़त से की जा रही है. चम्बल से लेकर महाकौशल तक, और मालवा से लेकर विंध्य तक परशुराम सेना, करणी सेना, और अन्य ब्राम्हण व राजपूत संगठन सक्रीय हो गए हैं. […]

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 आदिवासियों का मध्यप्रदेश की राजनीति में क्या रोल है ?

आदिवासियों का मध्यप्रदेश की राजनीति में क्या रोल है ?

मध्यप्रदेश में लगभग 23 प्रतिशत आबादी आदिवासियों की है, पर विडंबना देखिये कि आज तक मध्यप्रदेश में किसी भी राजनीतिक पार्टी ने एक भी आदिवासी मुख्यमंत्री इस प्रदेश को नहीं दिए हैं. ज्ञात होकि मध्यप्रदेश के महाकौशल क्षेत्र (जबलपुर संभाग) और मालवा क्षेत्र (इंदौर एवं उज्जैन संभाग) में बड़ी आबादी आदिवासियों की निवास करती है. […]

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 "एमपी अजब है, यहाँ के अफ़सर और नेता सबसे गजब हैं"

"एमपी अजब है, यहाँ के अफ़सर और नेता सबसे गजब हैं"

मध्यप्रदेश सरकार की टैगलाइन है ‘एमपी गजब है’. परन्तु  यहां कभी-कभी ऐसी घटनाएं हो जाती हैं जिसे जानने के बाद मानना पड़ता है कि सच में एमपी गजब है. पहले सरकार के मुख्या गिफ्ट्स बंटते है और अधिकारी बाद में उसे वापिस ले लेते हैं. फिर भेद खुलने पर जाँच का आश्वासन दिया जाता है, […]

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 व्यक्तित्व – "बिरसा मुंडा", एक नौजवान आदिवासी योद्धा

व्यक्तित्व – "बिरसा मुंडा", एक नौजवान आदिवासी योद्धा

एक समान्य सी प्रचलित कहावत है, जो इन्सान अच्छा होता है उसको ईश्वर उसके भाग्य में समय ही कम लिखते है.  ऐसा ही थे बिरसा मुंडा. एक नौजवान जो एक छोटी अवधि के लिए जिए, पर जिए उतना जबर जिए. 25 वर्ष के जीवन में उन्होंने इतने मुकाम हासिल कर लिए थे कि आज भी […]

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