शोषितों दलितों और पिछड़ों के मसीहा थे "डॉ भीमराव अम्बेडकर

शोषितों दलितों और पिछड़ों के मसीहा थे "डॉ भीमराव अम्बेडकर

जिस वक्त देश में छुआछुत, भेदभाव, ऊँच-नीच जैसी अनेक सामाजिक कुरीतियाँ अपने चरम अवस्था पर थी ऐसे वक्त में बाबासाहेब ने अपने दम पर इन बुराईयों के विरूद्ध ऐसा संघर्ष किया जिसकी मिसाल सदियों तक दी जाती रहेगी. उस दौर में हिन्दू धर्म मनुवादी व्यवस्था से बहुत ज़्यादा ग्रसित था. शूद्रों में निम्न व गरीब […]

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