देश में बेरोजगारी का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. लेबर ब्यूरो के ताजा सर्वे के मुताबिक बेरोजगारी ने पिछले 4 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. हालांकि अभी लेबर ब्यूरो ने सर्वे सार्वजनिक नहीं किया है.

लेकिन सूत्रों के अनुसार साल 2013-2014 में बेरोजगारी दर 3.4 फीसदी पर रही थी जो साल 2016-2017 में 3.9 फीसदी पर पहुंच गई है, विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियां कमजोर पड़ रही है मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर खासकर उपभोक्ता एवं पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन में गिरावट की वजह से नवंबर में देश का आईआईपी ग्रोथ घटकर 0.5 फीसदी रहा, जिसके साथ ही यह 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है.

एक ओर बहुत महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है पूरे उत्तरी भारत का डिस्टिब्यूशन हब कहा जाने वाले दिल्ली का जीएसटी कलेक्शन लगातार गिर रहा है यह बताता है कि उद्योग धंधों की हालत किस कदर खराब है.

अप्रैल से दिसंबर 2018 तक 14% ग्रोथ के पैमाने पर सबसे ज्यादा रेवेन्यू शॉर्टफॉल वाले सभी राज्यों में दिल्ली पांचवे स्थान पर है, जबकि पुड्डुचेरी, पंजाब और हिमाचल प्रदेश पहले, दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। हालांकि, साल दर साल आधार पर शॉर्टफॉल में बढ़ोतरी के मामले में यह पहले स्थान पर है। यहां शॉर्टफॉल सीधे 6% से 20% तक जा पहुंचा है.

आप किसी भी छोटे व्यापारी से बात कर लीजिए वह आपको बताएगा कि धंधे में इतने बुरे दिन उसने कभी नहीं देखे हैं पहले भी तेजी मंदी लगी रहती थी लेकिन अब लगातार बिजनेस की हालत डाउन होती जा रही हैं यही मोदीजी के अच्छे दिन है.