” बख्तियारपुर ” : वो जगह जहां पैदा हुए थे नितीश, इस सूफ़ी संत के नाम पर है जगह का नाम

” बख्तियारपुर ” : वो जगह जहां पैदा हुए थे नितीश, इस सूफ़ी संत के नाम पर है जगह का नाम

बार क़ुतुबमीनार देखने गया, वहाँ के गाइड ने बताया के ये ग़ुलाम वंश के पहले बादशाह क़ुतुबउद्दिन ऐबक के नाम पर है, पर दर हक़ीक़त वो वहीं पास में आराम फ़र्मा रहे एक सूफ़ी बुज़ुर्ग हज़रत बख़्तियार क़ुतुब काकी (र.) ( Hazrat Bakhtiyar Qutub Kaki ra. ) के नाम पर है। इसी तरह की कई […]

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 शीशा तोड़ कर बाहर नही निकलते तो, 100+ बच्चे दम घुटने कि वजह से मारे जाते

शीशा तोड़ कर बाहर नही निकलते तो, 100+ बच्चे दम घुटने कि वजह से मारे जाते

5 बजे जामिया मिल्लिया इस्लामिया के अंदर का माहौल बिलकुल नार्मल था, किसी भी बाहरी आदमी को अंदर आने कि इजाज़त नही थी, स्टूडेंट भी आईकार्ड दिखा कर ही अंदर आ सकते थे, अंदर में मौजूद बच्चे छोटे छोटे झुंड में बैठे थे, नारा तक नही लग रहा था।  कुछ बच्चे और बच्चियाँ उस तिरंगे […]

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 बिहार की राजनीति में कायस्थ और मुस्लिम लीडरशिप की भूमिका, इतिहास और वर्तमान

बिहार की राजनीति में कायस्थ और मुस्लिम लीडरशिप की भूमिका, इतिहास और वर्तमान

बिहार दिवस मना रहे हैं, बिहार के बंगाल से अलग हो कर 1912 में ख़ुद-मुख़्तार राज्य बनने की ख़ुशी में. बहुत मेहनत की थी अलग राज्य बनाने में हमारे बुज़ुर्गों ने. सियासत और कूटनीत का बेहतरीन नमुना पेश करते हुए हुकमत के नज़दीक रहने वाले बंगाली भाईंयों के नाक के नीचे से बिहार को अलग […]

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 "खरसावा हत्याकांड", जहाँ आदिवासियों पर बरसाई गई थीं गोलियां

"खरसावा हत्याकांड", जहाँ आदिवासियों पर बरसाई गई थीं गोलियां

1 जनवरी 1948 को जब आज़ाद भारत अपने पहले नए साल की, पहली तारीख़ का जश्न मना रहा था, तब बिहार का खरसावां (अब झारखण्ड) में अपना ख़ून अपनो के द्वारा ही बहाया जा रहा था। 1 जनवरी 1948 खरसावां हाट में 50 हज़ार से अधिक आदिवासियों की भीड़ पर ओड़िशा मिलिट्री पुलिस ने अंधाधुंध […]

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 क्या आप क्रांतिकारी प्रफुल्ल चंद चाकी को जानते हैं ?

क्या आप क्रांतिकारी प्रफुल्ल चंद चाकी को जानते हैं ?

वो लड़ते रहे अंग्रेजों से और जब आखिरी गोली बची तो उसे चूमकर अपने आप को मार लिया । जी हाँ ये कहानी चंद्रशेखर आजाद की लगती है , पर एक और आज़ादी का दीवाना था जिनसे आखिरी गोली से अपने आप को खत्म कर लिया । बात उस वक़्त की है जब चंद्रशेखर आजाद […]

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 कौन थे मगध के गांधी "सैयद फ़िदा हुसैन"

कौन थे मगध के गांधी "सैयद फ़िदा हुसैन"

मगध के गांधी कहलाने वाले सैयद फ़िदा हुसैन हिन्दुस्तान की जंग ए आज़ादी के उन अज़ीम सिपाहसालारों में से हैं, जिन्होंने कभी अपने उसूलो से समझौता नही किया। साल 1904 में बिहार के जहानाबाद ज़िला के पिंजौरा गांव मे पैदा हुए सैयद फ़िदा हुसैन के वालिद का नाम सैयद अहमद अब्दुल अज़ीज़ था। शुरुआती तालीम […]

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 व्यक्तित्व – कौन थे अब्दुल क़वी देस्नवी

व्यक्तित्व – कौन थे अब्दुल क़वी देस्नवी

जैसा की आप जानते ही होंगे की गूगल कुछ खास मौक़ो पर ही अपना डूडल जारी करता है। आज 1 नवम्बर 2017 को गूगल ने अपना का डूडल अब्दुल क़वी देसनवी को समर्पित किया है, आख़िर क्यों ? क्या है इनके बारे में ख़ास जो गूगल ने इन्हे याद किया है। जानना है ? अब्दुल […]

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 लेखकों की बस्ती में जन्में उर्दू लेख़क देसनवी को गूगल का सम्मान

लेखकों की बस्ती में जन्में उर्दू लेख़क देसनवी को गूगल का सम्मान

हम लोग बिहार के जिस इलाक़े मे पैदा हुए, पले, पढ़े और बढ़े वहां देसना, अस्थावं और गिलानी एक एैसा नाम है जिसे बड़े ही इज़्ज़त से लिया जाता है। जिसकी तआरुफ़ ही इस तरह होती है के ये सैयद सुलैमान नदवी (र.अ.) का गांव है और ये सैयद मनाज़िर अहसन गिलानी साहेब का गांव […]

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 व्यक्तित्व – जानिये सर सैयद सुल्तान अहमद को, जो पटना विवि के पहले वाईस चांसलर थे

व्यक्तित्व – जानिये सर सैयद सुल्तान अहमद को, जो पटना विवि के पहले वाईस चांसलर थे

24 दिसंबर 1880 को बिहार के जहानाबाद ज़िले के पाली गांव मे पैदा हुए सर सैयद सुलतान अहमद भारत के उन चुनिन्दा वकीलों मे से हैं जिन्होने अपने वक़्त के तमाम बड़े वकीलों को हरा दिया और इनसे वकालत मे हारने वाले कुछ बड़े नाम हैं ” प. मोती लाल नेहरु _ सरत चंद्रा बोस […]

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