नज़रिया – उथल-पुथल का एक आश्चर्यजनक अनुक्रम दिखाई देता है

नज़रिया – उथल-पुथल का एक आश्चर्यजनक अनुक्रम दिखाई देता है

भारत में जो दृश्य इन दिनों दिखाई दे रहे हैं, उन्हें जादुई यथार्थवाद की ही संज्ञा दी जा सकती है! उथल-पुथल का एक आश्चर्यजनक अनुक्रम दिखाई देता है। उस पर भी कमाल यह कि यह सब स्वतःस्फूर्त नहीं, रचा गया मालूम होता है। वैमनस्य की राजनीतिक पूंजी कोई नई धारणा नहीं है, किंतु रामबाण की […]

Read More
 नागरिकता संशोधन बिल और NRC में मानवीयता का पहलू कहाँ है ?

नागरिकता संशोधन बिल और NRC में मानवीयता का पहलू कहाँ है ?

कितने आश्चर्य की बात है कि कोई डेढ़ साल पहले जब नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीज़न यानी एनआरसी का अंतिम ड्राफ़्ट जारी हुआ तो इसी सुशोभित ने फ़ेसबुक पर उसके समर्थन में पोस्ट लिखी थी। वह पोस्ट आज भी मौजूद है। वह 31 जुलाई 2018 को प्रकाशित हुई। 1072 लाइक्स, 189 कमेंट्स, 109 शेयर्स। तब के […]

Read More