आँखो की शर्म का भी मर जाना इसे ही कहते हैं

आँखो की शर्म का भी मर जाना इसे ही कहते हैं

जो जेएनयू में हुआ, सोचिए ऐसा ही कुछ अगर यूरोप या अमरीका में कहीं हुआ होता तो वहां के प्रधान की क्या प्रतिक्रिया होती? अमरीका कोई आदर्श नहीं लेकिन फिर भी सोचिए, अगर हॉर्वर्ड में घुसकर कुछ नक़ाबपोशों ने ऐसे ही वहां के छात्रों और शिक्षकों के सर फोड़ दिए होते तो क्या ट्रम्प ऐसी […]

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 ऐसा क़दम जो देश को ‘हिंदू पाकिस्तान’ बनाने की संवैधानिक नींव रखने जा रहा है

ऐसा क़दम जो देश को ‘हिंदू पाकिस्तान’ बनाने की संवैधानिक नींव रखने जा रहा है

असम में पहले एनआरसी लागू हुआ. कहा गया कि यहां अवैध प्रवासी बहुत बढ़ गए हैं जिन्हें वापस भेजने के लिए एनआरसी ज़रूरी है. इसके अनुसार 24 मार्च 1971 के बाद जो भी असम में आए, सब अवैध प्रवासी मान लिए गए. तर्क था कि हिंदू-मुस्लिम चाहे जो हो, एनआरसी में नाम नहीं है तो […]

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 कश्मीर: कन्फ़ेशंस ऑफ़ ए कॉप (पार्ट-4) – मिलिटेन्ट और सोशल मीडिया

कश्मीर: कन्फ़ेशंस ऑफ़ ए कॉप (पार्ट-4) – मिलिटेन्ट और सोशल मीडिया

‘बुरहान वानी को इतना बड़ा हीरो बनाने में सोशल मीडिया की बहुत बड़ी भूमिका है. वो पहला ऐसा मिलिटेंट था जो अपना चेहरा छिपाए बिना वीडियो बनाता था. ये वीडियो बहुत तेज़ी से वायरल होते थे और उसका समर्थन दिनों-दिन बढ़ता जाता था. उसके नाम से कई फ़ेसबुक पेज चलने लगे थे और लोग खुलकर […]

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 कश्मीर: कन्फ़ेशंस ऑफ़ ए कॉप (पार्ट-3) – उस दिन तो मेरा भी मनोबल डगमगा गया था

कश्मीर: कन्फ़ेशंस ऑफ़ ए कॉप (पार्ट-3) – उस दिन तो मेरा भी मनोबल डगमगा गया था

( पत्रकार राहुल कोटियाल बीती नौ अगस्त को कश्मीर गए थे. ये वहाँ लगे कर्फ़्यू का पाँचवा दिन था. इस दिन से 20 अगस्त तक वो घाटी में रहे और इस दौरान इनकी कुल छह रिपोर्ट्स न्यूज़लांड्री  में पब्लिश हुई थीं।  राहुल ने आम कश्मीरियों के साथ-साथ उन लोगों से भी बात की जिनके बच्चों […]

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 कश्मीर: कन्फ़ेशंस ऑफ़ ए कॉप (पार्ट-2) – हमारा काम तो सिर्फ़ ऑर्डर फ़ॉलो करना है

कश्मीर: कन्फ़ेशंस ऑफ़ ए कॉप (पार्ट-2) – हमारा काम तो सिर्फ़ ऑर्डर फ़ॉलो करना है

” पत्रकार राहुल कोटियाल बीती नौ अगस्त को कश्मीर गए थे. ये वहाँ लगे कर्फ़्यू का पाँचवा दिन था. इस दिन से 20 अगस्त तक वो घाटी में रहे और इस दौरान इनकी कुल छह रिपोर्ट्स न्यूज़लांड्री  में पब्लिश हुई थीं।  राहुल ने आम कश्मीरियों के साथ-साथ उन लोगों से भी बात की जिनके बच्चों […]

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 कश्मीर: कन्फ़ेशंस ऑफ़ ए कॉप (पार्ट-1) – जब इंफोरमर ने दिया फ़र्ज़ी इनपुट

कश्मीर: कन्फ़ेशंस ऑफ़ ए कॉप (पार्ट-1) – जब इंफोरमर ने दिया फ़र्ज़ी इनपुट

( पत्रकार Rahul Kotiyal बीती नौ अगस्त को कश्मीर गए थे. ये वहाँ लगे कर्फ़्यू का पाँचवा दिन था. इस दिन से 20 अगस्त तक वो घाटी में रहे और इस दौरान इनकी कुल छह रिपोर्ट्स न्यूज़लांड्री में पब्लिश हुई थीं। राहुल ने आम कश्मीरियों के साथ-साथ उन लोगों से भी बात की जिनके बच्चों को गिरफ़्तार […]

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 क्या किसानों की समस्याएं और बेरोज़गारी, हरियाणा और महाराष्ट्र में मुद्दा नहीं है ?

क्या किसानों की समस्याएं और बेरोज़गारी, हरियाणा और महाराष्ट्र में मुद्दा नहीं है ?

राहुल कोटियाल एक स्वतंत्र पत्रकार हैं, जो आपण ग्राउन्ड रिपोर्टिंग को कलमबद्ध करने के अनोखे अंदाज के लिए जाने जाते हैं। दो राज्यों में चुनाव हो रहे हैं. इनमें से एक राज्य किसान आत्महत्याओं के मामले में टॉप पर है तो दूसरा बेरोज़गारी दर के मामले में सर्वोच्च स्थान बना चुका है। महाराष्ट्र में किसान […]

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 नज़रिया – राम के नाम पर इतनी ओछी राजनीति नहीं कीजिए

नज़रिया – राम के नाम पर इतनी ओछी राजनीति नहीं कीजिए

अगर राम आपके आदर्श हैं तो उनके नाम का इस्तेमाल आप किसी को चिढ़ाने, उकसाने के लिए कैसे कर लेते हैं? अगर आप उनमें श्रद्धा रखते हैं तो उनका नाम इतने हल्के में इस्तेमाल कैसे कर पा रहे हैं? ‘जय श्री राम’ के नारे से किसी को आपत्ति नहीं बशर्ते आप अपनी श्रद्धा से यह […]

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 फ़ेक न्यूज़ वाच – प्रभात खबर ने " दहेज़ उत्पीड़न " को बताया " लव जिहाद "

फ़ेक न्यूज़ वाच – प्रभात खबर ने " दहेज़ उत्पीड़न " को बताया " लव जिहाद "

“लव जिहाद के आरोप में दो साल की सज़ा” प्रभात ख़बर में जब यह ख़बर पढ़ी तो कई सवाल एक साथ दिमाग़ में आए. लव जिहाद को परिभाषित कब किया गया? इसे भारतीय क़ानून में बतौर अपराध कब शामिल किया गया? और लव जिहाद के लिए सज़ा का प्रावधान कब तय हुआ? प्रभात ख़बर ने अपनी […]

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