मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि विधेयकों का विरोध क्यों कर रहे हैं किसान ?

मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि विधेयकों का विरोध क्यों कर रहे हैं किसान ?

देश कोई भी हो, उसके भविष्य निर्माण में सबसे बड़ी भूमिका उसके किसान, मजदूर, छात्र और नौजवान ही निभाते हैं, खासकर किसान। चांद और मंगल पर पहुंच जाने के बावजूद दुनिया जिनके द्वारा उत्पादित अन्न का कोई विकल्प नहीं तलाश पाई है। लोगों के पेट की आग अभी भी अन्न से ही बुझती है और […]

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 नज़रिया – क्या बहुत पीछे जा चुकी है भारतीय अर्थव्यवस्था ?

नज़रिया – क्या बहुत पीछे जा चुकी है भारतीय अर्थव्यवस्था ?

वित्तवर्ष 2020-21 की पहली तिमाही यानी गत अप्रैल मई व जून के बीच देश की विकास दर का माइनस 23.9 तक गिर जाना कितना भी अभूतपूर्व या त्रासद हो और सेंसेक्स उस पर कैसी भी प्रतिक्रिया क्यों न दे रहा हो, आशंकातीत नहीं कहा जा सकता। ज्यादातर रेटिंग एजेंसियों व आर्थिक विशेषज्ञों को उसमें इतनी बड़ी […]

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 नज़रिया – हौसला बढ़ाया, अच्छा किया, लेकिन… कुछ सवाल अभी बाक़ी हैं

नज़रिया – हौसला बढ़ाया, अच्छा किया, लेकिन… कुछ सवाल अभी बाक़ी हैं

सीमा पर चीन के साथ गहराते तनाव के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का पूर्व निर्धारित लद्दाख दौरा टलवाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाॅफ व सेनाध्यक्ष के साथ खुद वहां जाकर न सिर्फ सेना की तैयारियों का जायजा लिया, बल्कि 15 जून को गलवान घाटी की हिंसक झड़प में घायल जवानों से […]

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 1 मई ( मज़दूर दिवस ) – लॉकडाऊन का मजदूरों पर क्या असर पड़ा है ?

1 मई ( मज़दूर दिवस ) – लॉकडाऊन का मजदूरों पर क्या असर पड़ा है ?

देश के मजदूरों की वर्तमान पीढ़ी को शायद ही मालूम हो, कि इसमें हर एक मई को मजदूर दिवस मनाने की परम्परा 1923 में इसी दिन गठित लेबर किसान पार्टी ऑफ हिन्दुस्तान ने मद्रास {अब चेन्नई} में शुरू की थी, जिसका उद्देश्य दुनिया भर के मजदूरों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करना था। तब से अब […]

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 नज़रिया – नफरत के वायरस से भी लड़ो भाई !

नज़रिया – नफरत के वायरस से भी लड़ो भाई !

ये पंक्तियां लिखे जाने तक देश द्वारा कोरोना के विरुद्ध छेड़ी गई लड़ाई में सफलता के आसार नजर आने लगे हैं। लाॅकडाउन से पहले के लिहाज से देखें तो इस वायरस के संक्रमण की रफ्तार आधी से भी कम रह गई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार संक्रमितों की जो संख्या पहले […]

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 लॉकडाऊन के दौरान एक मौत ऐसी, जो आपको अंदर से झँझोड़ डालेंगी

लॉकडाऊन के दौरान एक मौत ऐसी, जो आपको अंदर से झँझोड़ डालेंगी

यों तो सरकारों की ऊंचा सुनने की व्याधि हमें आम दिनों में भी कुछ कम नहीं सताती, लेकिन इन दिनों जब एक ओर कोरोनाजन्य महामारी मौतें बांटती फिर रही है, दूसरी ओर उससे बचाने के नाम पर लागू लॉकडाउन भी जानलेवा सिद्ध हो रहा है। कम से कम आबादी के निर्बल आय वर्ग के उस […]

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 गरीबों और मजदूरों पर क्यों बन आई है कोरोना से लड़ाई?

गरीबों और मजदूरों पर क्यों बन आई है कोरोना से लड़ाई?

‘वो जिनके हाथ में छाले हैं, पैरों में बिवाई है, उन्हीं के दम से रौनक आपके बंगले में आई है।’ और दिन होते तो देशव्यापी लॉकडाऊन के दौरान न सिर्फ केन्द्र बल्कि राज्यों की सरकारें भी, वे खुद को किसी भी दल या विचारधारा की वारिस क्यों न बताती हों, मजदूरों की मुसीबतों को जिस […]

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 ‘कोरोना-कोरोना’ के इस कोरस पर तो न हंसी आती है, न ही रोया जाता है!

‘कोरोना-कोरोना’ के इस कोरस पर तो न हंसी आती है, न ही रोया जाता है!

मौत का एक दिन मुअय्यन है, नींद क्यों रात भर नहीं आती? मिर्जा गालिब ने अपनी इतिहास प्रसिद्ध गजल में यह सवाल पूछा तो चिकित्सा वैज्ञानिक ही जानें कि कोरोना वायरस हुआ करता था या नहीं। हम तो पक्के तौर पर इतना ही जानते हैं कि हुआ भी करता हो तो, उसकी पहचान करने वाली […]

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