नज़रिया – क्या यह सब प्रायोजित हिंसा थी ?

नज़रिया – क्या यह सब प्रायोजित हिंसा थी ?

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में जो कुछ भी हुआ है उसे हिन्दू-मुस्लिम दंगा कत्तई नहीं कहा जा सकता। यह पूरी तरह से राज्य-प्रायोजित हिंसा थी। जिसमें पुलिस की उपस्थिति में, और ज्यादातर जगहों पर पुलिस की सक्रिय भागीदारी के साथ, हिन्दुत्ववादी फासिस्ट गिरोहों ने मुस्लिम बस्तियों पर हमले किये। मस्जिदों, मज़ार, मदरसे और मुस्लिम घरों-दुकानों को ही […]

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