क्योंकि मुस्लिम अपना कथित सेकुलरिज्म साबित करने में लगा हुआ है

क्योंकि मुस्लिम अपना कथित सेकुलरिज्म साबित करने में लगा हुआ है

आज जो में लिख रहा हूं शायद इससे दिक्कत हो लेकिन लिखना ज़रूरी है. भारतीय संदर्भ में जिस तरह से “फेमिनिज्म” को गलत परिभाषित किया गया है ठीक उसी तरह “सेकुलरिज्म” को भी उतने ही भोंडे रूप में प्रस्तुत किया गया है जिसका भार उठाये नही उठ रहा है. जब बात होती है “जितनी जिसकी […]

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