जो आज साहिबे मसनद हैं, कल नहीं होंगे

जो आज साहिबे मसनद हैं, कल नहीं होंगे

कुछ भी स्थायी नहीं है ! आज के युग के युवा ये चीज़ भूल चुके हैं और शायद यही गलती हर युग में लोग करते हैं और ये स्वाभिवक भी है क्योंकि कल किसने देखा सिवाय किताबों के,आज हैं तो हम हैं और हम हैं तो हम ही हैं. कभी दुनिया जीतने निकले सिकन्दर का […]

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 अब वो दीवाली नहीं आती !

अब वो दीवाली नहीं आती !

बहुत दिनों बाद कुछ लिखा है, आज 17 तारीख है और परसो है दीपावली और हमारी भाषा में दीवाली,जबसे बारहवीं की परीक्षा पास की और उसके बाद दिल्ली में आया था तो बड़ी चकाचौंध थी यहाँ, मेट्रो में सब कुछ नया था,ठंडी ठंडी हवा चल रही अंदर और सब लोगों के पास बड़े फोन और […]

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 किसान का धर्म

किसान का धर्म

एक किसान बस किसान होता है,जब उसे मुनाफा हो तब भी किसान होता है और जब उसकी फसल बर्बाद हो जाए तब भी किसान होता है,जब उसे कर्जा मिलता है वो सिर्फ किसान होता है और फ़सल बर्बादी की वजह से वो जब कर्ज नही चुका पाता तब भी किसान होता है और तो और […]

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