समीक्षा – समाज को बांटने वाली सोच पर गहरा वार करती है "मुल्क"

समीक्षा – समाज को बांटने वाली सोच पर गहरा वार करती है "मुल्क"

जब हम ‘मुल्क’ देख कर बाहर निकले, तो हमारे एक मित्र ने कहा कि ‘मुल्क’ जो बात कहती है, वह पूरे आत्मविश्वास के साथ आज का हिंदुस्तानी मुसलमान कहने की स्थिति में नहीं है। ‘मुल्क’ क्या कहती है? ‘मुल्क’ कहती है कि कोई मुसलमान अपनी देशभक्ति प्रमाणित कैसे करे? क्यों करे? वह ख़ुद पर चस्पां […]

Read More
 'गोपालदास नीरज' के गीत जो उनके जाने के बाद भी उन्हें ज़िन्दा रखेंगे

'गोपालदास नीरज' के गीत जो उनके जाने के बाद भी उन्हें ज़िन्दा रखेंगे

एक गीत था, जिसकी धुन एसडी बर्मन ने गुरु दत्त को सुनायी थी और गुरु दत्त ने उसे ख़ारिज़ कर दिया था। हालांकि अबरार अल्वी को वह धुन पसंद थी। बेशक तब उस धुन में शब्द नहीं डले थे। गोपाल दास नीरज के शब्दों के साथ वह धुन खिल गयी और सन 1970 में प्रेम […]

Read More
 क्या 'परमाणु' फिल्म का उद्देश्य NDA सरकार का विज्ञापन है ?

क्या 'परमाणु' फिल्म का उद्देश्य NDA सरकार का विज्ञापन है ?

कोई भी इमारत तब तक खड़ी नहीं होती, जब तक नींव की ईंटें मज़बूती से न डाली जाएं। लेकिन तेरे बिन लादेन वाले अभिषेक शर्मा की ‘परमाणु’ भारत के पूर्ववर्ती परमाणु अभियानों पर मिट्टी डालते हुए अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के वक़्त 1998 में किये गये पोखरण विस्फोटों का नारा बुलंद करती है। यह उस […]

Read More