घोटाले की मार सह रहे पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के लिए नीरव मोदी अकेला संकट नहीं है. बैंक के अनुसार पिछले आठ महीनों में 25 लाख रुपये से ज्यादा के कर्ज न चुकाने वाले विलफुल डिफॉल्टर्स से कुल लेनदारी 14,593 करोड़ रुपये से ज्यादा पर पहुंच गई है.

बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष जून में जब उसने पहली बार जान-बूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाले बड़े लेनदारों की जानकारी सार्वजनिक की थी, उस वक्त उनकी देनदारी की कुल रकम 11,879.74 करोड़ रुपये थी. यह रकम इस वर्ष जनवरी के अंत में 22.8 फीसदी बढ़कर 14,593.16 करोड़ रुपये पर पहुंच गई.

किन किन पर है बकाया

बैंक की इस सूची में फॉरएवर प्रीशियस ज्वैलरी एंड डायमंड्स पर बकाया 747.97 करोड़ रुपये, किंगफिशर एयरलाइंस पर 597.44 करोड़ रुपये, जूम डेवलपर्स पर 410.18 करोड़ रुपये और एमबीएस ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड पर बकाया 266.17 करोड़ रुपये शामिल हैं.

पीएनबी के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक (सीएमडी) सुनील मेहता ने पिछले सप्ताह कहा था कि बैंक इन सभी बकायेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाएगा. गौरतलब है कि बैंक के फंसे कर्ज (एनपीए) का आकार चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के आखिर में मामूली घटकर 34,076 करोड़ रुपये रह गया.

दिसंबर 2016 के आखिर में यह रकम 34,994 करोड़ रुपये थी. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में भी बैंक के 95 खाते अटके हैं, जिनकी कुल रकम करीब 19,000 करोड़ रुपये है.