एनआरसी और आशंका भरा नागरिकता संशोधन कानून ( CAA )

एनआरसी और आशंका भरा नागरिकता संशोधन कानून ( CAA )

“आप को सड़क पर खड़े होकर छड़ी घुमाने का अधिकार है, पर तभी तक, जब तक कि वह छड़ी किसी की नाक में न लगे।” यह एक प्रसिद्ध उद्धरण है जो निजी स्वतंत्रता की सीमा रेखा तय करता है। नागरिकता संशोधन कानून ( नासंका ) या सीएए के पारित हो जाने के बाद देश भर […]

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 घुसपैठ, नागरिकता संशोधन कानून और संविधान

घुसपैठ, नागरिकता संशोधन कानून और संविधान

1947 में भारत आज़ाद तो हुआ पर दो भागों में बंट कर। एक भाग धार्मिक आधार पर इस्लामी मुल्क बना, दूसरा भाग जिसने स्वाधीनता संग्राम के मूल्यों और भारतीय संस्कृति की आत्मा सर्वधर्म समभाव के मार्ग को चुना एक उदार और पंथनिरपेक्ष देश बना रहा। बंटवारे की बात जब चल रही थी तो शायद ही […]

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 सीएबी का विरोध इसलिए है, क्योंकि यह कानून धर्म के आधार पर भेद करता है जो असंवैधानिक है

सीएबी का विरोध इसलिए है, क्योंकि यह कानून धर्म के आधार पर भेद करता है जो असंवैधानिक है

यह बात बिल्कुल सही है कि 1947 के बंटवारे के बाद पाकिस्तान के दोनों हिस्सों में और 1971 के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक उत्पीड़न हुआ है। पाकिस्तान में शुरुआत में यह उत्पीड़न, हिंदू, सिख और ईसाइयों का हुआ, फिर बाद में उत्पीड़ित जमात में, अहमदिया, शिया आदि गैर सुन्नी फिरके के इस्लामी मतावलंबी शामिल हो […]

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