अक्सर खामोश रहने वाले गुलजार की बोली को समझने की कोशिश करनी ही होगी

अक्सर खामोश रहने वाले गुलजार की बोली को समझने की कोशिश करनी ही होगी

कहीं पढ़ा था कि गुलजार साहब टॉलस्टॉय के एक वाक्य से बेहद प्रभावित हैं। ‘ तब तक मत लिखो, जब तक उसे लिखे बिना रह नहीं सकते हो।’ माने तब तक मत कहो जब तक कहे बिना रह नहीं सकते हो। तो अब अपने जीवन के 81 वें साल में अगर वो कुछ कह रहे […]

Read More