मध्यप्रदेश के बालाघाट ज़िले में लालबर्रा पुलिस ने गौ तस्करी के मामले में एक FIR दर्ज की है और 138 नग से अधिक गौवंश को कत्लखाने जाने से बचाया गया है। इस मामले में पुलिस ने 20 लोगों को आरोपित किया है, जिसमे अधिकांश आरोपी भाजपा युवा मोर्चा और बजरंगदल से जुड़े हुए है। जिनके खिलाफ भादवि की धारा 429, मप्र गौवंश वध प्रतिशेद अधिनियम 2004 की धारा 4,6A/9, पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1907 की धारा 11 मप्र कृषक पशु परीक्षण अधिनियम 4′,6 व मोटरयान अधिनियम 146,196,3,181,39,192(1) ,129,177,185 के तहत केस दर्ज किया गया है।

जिन आरोपियों के ख़िलाफ़ पुलिस ने FIR में दर्ज किए हैं उन आरोपियों के नाम हैं, मनोज पारधी (जिला महामंत्री युवा मोर्चा), अरविंद पाठक (भाजपा नेता,उपसरपंच लालबर्रा), कृष्ण कुमार बिसेन, जयपाल चचने, मनीष टेम्भरे, दिनेश बिसेन, शुभम बिसेन, दिनेश कर्वेटि, पवन पदवार, रविशंकर बनवाले, रमेश हटवार, ऊदल यादव, बबलो इडपाचे, भागचन्द बिसेन, आज़ाद जैसवाल, तोपसिंग जैसवाल, बंटी जैतवारा, मेवा बिसेन, जाहिद तथा अलेश ।

मामला सामने आने के बाद विपक्षी पार्टियां एक्टिव हो गई हैं। बालाघाट ज़िला कांग्रेस के प्रवक्ता विशाल बिसेन ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सत्ता की आड़ में भाजपाई गौतस्करी कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने ये भी आरोप लगाया है कि आरोपी बालाघाट विधायक के करीबी हैं। इसलिए पकड़ाए गए सभी आरोपीयों की ,प्रशासन को हर सिरे से जांच करनी चाहिए।

उन्होंने भाजपा नेताओं द्वारा गौतस्करी करने के संबंध में वक्तव्य जारी करते हुए कहा जिस प्रकार लालबर्रा पुलिस ने २५ जनवरी को गौतस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए १३८ नग मवेशियों को नागपुर कत्ल खाने जाने से बचाया १० आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा संलिप्त भाजपा नेता अरविंद पाठक व मनोज पारधी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया यह सराहनीय है।

कांग्रेस नेता ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि, जिले में धड़ल्ले से संचालित है गौतस्करी का व्यापार एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री माफियाओं को १० फीट जमीन में गाड़ने की बात करते हैं, वही उन्ही की पार्टी के विधायक गौरीशंकर बिसेन के करीबी नेता और भाजपा के महामंत्री बेखौफ होकर गौतस्करी करते पकड़े जा रहे हैं। इससे ना सिर्फ मुख्यमंत्री की नीतियां अपितु विधायक गौरीशंकर बिसेन की नियत पर भी सवाल उठे हैं और यह वाजिब भी है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने पूछा है कि विधायक गौरीशंकर बिसेन को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उन्हें जिले में हो रही गौतस्करी की पहले से ही जानकारी थी या फिर वे अपनी पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों से भी अंजान रहते हैं। जिले में यह चर्चा आम हो गई है की प्रशासन राजनीतिक दबाव में कार्य कर रहा है व गौतस्करो, शराब माफियाओं, रेत माफियाओं को छोड़ने के लिए विवश किया जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने पूछा है , क्या गौरीशंकर बिसेन अपने पद व प्रभाव का गलत उपयोग कर अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं। सवाल यह भी है कि गौतस्करो को विधायक की अनुशंसा पर भाजपा मे पद दिया या पदाधिकारी विधायक के करीबी होने के अहंकार में चूर होकर गौतस्करी करने लगे हैं।

इस पूरे मामले में हमने आरोपियों की फेसबुक प्रोफाइल चेक की तो हमने पाया कि आरोपी मनोज पारधी की कई बड़े भाजपा नेताओं और मंत्रियों संग फ़ोटोज़ हैं। सवाल ये उठता है कि गाय के नाम पर राजनीति करने वाली भारतीय जनता पार्टी क्या अपने नेता के गौतस्करी में पकड़े जाने पर कोई कार्यवाही करेगी या फिर आरोपियों की राजनीतिक पहुंच के कारण इनके खिलाफ कार्यवाही करने वाले पुलिस कर्मियों के ही तबादले कर दिए जाएंगे।

देखें आरोपी मनोज पारधी की भाजपा नेताओं संग तस्वीरें

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Team TH