व्यक्तित्व – क्या आप स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ सैफ़ुद्दीन किचलू के बारे में जानते हैं?

व्यक्तित्व – क्या आप स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ सैफ़ुद्दीन किचलू के बारे में जानते हैं?

आज (13 अप्रैल) के रोज़ ही 1919 को #JallianwalaBagh में क़त्ल ए आम हुआ था। सैंकड़ो की तादाद में लोग क़त्ल कर दिये गए थे। इस क़त्ल ए आम से पूरा हिन्दुस्तान हिल सा गया। एैसा नही है के हिन्दुस्तान में इससे पहले क़त्ल ए आम नही हुआ; इससे पहले भी कई बड़े बड़े क़त्ल […]

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 क्या बेक़ाबू हो चुकी है Covid19 की दूसरी लहर ?

क्या बेक़ाबू हो चुकी है Covid19 की दूसरी लहर ?

इसे चेतावनी ही मान लें, कोरोना का आतंक और असर पिछले साल से कई गुना अधिक है । दिल्ली एनसीआर में अस्पताल में बिस्तर नहीं हैं, ऑक्सीजन नहीं है , वेंटिलेटर का अकाल है । भोपाल, पुणे जैसे शहर मौत घर बने हैं — सिवनी, छिंदवाडा हो या लखनऊ गुवाहाटी मौत नाच रही है । […]

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 क्या रेमडेसिवर कोरोना रोगियों के लिए संजीवनी है?

क्या रेमडेसिवर कोरोना रोगियों के लिए संजीवनी है?

मीडिया पर खबरे और उनके साथ विज़ुअल बार बार दिखाए जा रहे हैं जिसमें लोगों की लंबी कतार है जो अपने रिश्तेदारों के लिए रेमडेसिवर लेने के लिए खड़े हैं। इस खबर से आम लोगों के ज़हन में यह बात घर कर जाती है कि यही दवाई है बस इस रोग के ख़िलाफ़ और इसे […]

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 इतिहास में दुष्प्रचार और झूठ का तड़का

इतिहास में दुष्प्रचार और झूठ का तड़का

इतिहास के साथ दुष्प्रचार और गलतबयानी एक आम बात रही है। सत्तारूढ़ शासक अक्सर अपने विकृत और विद्रूप अतीत को छुपाना चाहते है और अपने बेहतर चेहरे को जनता के सामने लाना चाहते है। इतिहास में वे बेहतर शासक और व्यक्ति के रूप मे याद किये जांय, यह उन सबकी दिली इच्छा होती है। संघ […]

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 और बिहार में ऐसे पास किया गया विशेष पुलिस से सम्बंधित बिल

और बिहार में ऐसे पास किया गया विशेष पुलिस से सम्बंधित बिल

बिहार के संसदीय इतिहास में मंगलवार का दिन अमंगल के रूप में आया। पक्ष-विपक्ष की जिद ने ऐसी स्थिति पैदा की कि बिहार एकबार फिर शर्मसार हुआ। सुबह से शाम तक पुलिस बिल के खिलाफ सड़क से सदन तक संग्राम पसरा रहा। विपक्ष बिल को सदन में पेश होने से रोकने पर आमादा था। उसका […]

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 आखिर ऐसा क्या है Marakkar में, जो मिल गया नेशनल अवार्ड

आखिर ऐसा क्या है Marakkar में, जो मिल गया नेशनल अवार्ड

मोहनलाल की फ़िल्म Marakkar को सर्वश्रेष्ठ मूवी का अवार्ड मिला है, ये फ़िल्म उन मुस्लिम नाविकों पर बेस्ड है, जिन्होंने सौ साल तक पुर्तगालियों से संघर्ष किया था। इस फ़िल्म के पीछे की स्टोरी कुछ यूँ है। व्यापार के सिलसिले में वास्को डी गामा 20 मई 1498 ईस्वी को भारत में आया था। वह कालीकट […]

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 नज़रिया – क्या महाराष्ट्र में किसी बड़ी पटकथा को अंजाम दिया जा रहा है ?

नज़रिया – क्या महाराष्ट्र में किसी बड़ी पटकथा को अंजाम दिया जा रहा है ?

मुंबई भारत का कुबेर है– अपना खजाना भरने के लिए हर दल यहा अपना रसूख रखना चाहता है — सबसे ज्यादा चन्दा और धन वाले दल की मुंबई हाथ से जाने की छटपटाहट किसी से छुपी नहीं है। अम्बानी के घर से बहुत दूर एक कार में थोड़ी सी जिलेटिन छड मिलने की सारी घटना […]

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 कृषि व्यवस्था में महिलाओ की भूमिका अहम है

कृषि व्यवस्था में महिलाओ की भूमिका अहम है

यदि एक शब्द में इस सौ दिन से चल रहे किसान आन्दोलन की उपलब्धि बतायी जाय तो वह है जनता का निंद्रा से उठ खड़ा होना। यानी जाग जाना, जागरूकता। जनता में अपने अधिकारों और श्रम की उचित कीमत के लिये खड़े होने का साहस और निर्भीकता, इस किसान आंदोलन की सबसे बडी उपलब्धि है। […]

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 बंगाल चुनाव का कार्पोरेट एंगल, हल्दिया बन्दरगाह क्षेत्र और नंदीग्राम

बंगाल चुनाव का कार्पोरेट एंगल, हल्दिया बन्दरगाह क्षेत्र और नंदीग्राम

बीजेपी अडानी अम्बानी की सुविधा के लिए हल्दिया पोर्ट ओर उसके आसपास के इलाके पर जीत को सुनिश्चित कर लेना चाहती है, अगर आप नंदीग्राम की भौगोलिक स्थिति को देखेंगे तो यह हल्दिया पोर्ट से लगा हुआ इलाका है । यह बंगाल चुनाव का वह कारपोरेट एंगल है जिसके बारे में कोई नही बताता आप […]

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 इस दौर के नेताओं को Ghulam Nabi Azad से संसदीय बर्ताव सीखना चाहिए

इस दौर के नेताओं को Ghulam Nabi Azad से संसदीय बर्ताव सीखना चाहिए

समय हर एक सत्ताधीश को मौका देता है गुलाम नबी आज़ाद बनने का,कोई बन जाता है और कोई चूक जाता है । आज जब ग़ुलाम नबी आज़ाद के अपनेपन पर आँसू आँख मे आए होंगे, तो सामने भले ही गुलाम नबी होंगे मगर ज़हन में कहीं एहसान जाफरी भी होंगे,की काश उस वक़्त दिल बड़ा […]

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