पूरी व्यवस्था के साथ दिल्ली की सीमाओं में कल से ही डंट गए थे किसान

पूरी व्यवस्था के साथ दिल्ली की सीमाओं में कल से ही डंट गए थे किसान

लगता है ये सारी रात सोये ही नहीं – गाज़ीपुर सीमा पर इस समय जहां तक निगाह जाती है तिरंगे दिख रहे हैं । भीड़ अनुमान से परे – असल में दस बजने तक संख्या कितनी बढ़ेगी? अनुमान नहीं- यहाँ अधिकांश किसानों के घर तीस से चालीस किलोमीटर दे दायरे में हैं — ये अपने […]

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 कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी सरकार की अक्षमता का प्रतीक है

कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी सरकार की अक्षमता का प्रतीक है

सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई ने आज सुनवाई करते हुए कहा कि, ” हमे अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि आपने ( सरकार ने ) बिना पर्याप्त विचार विमर्श किये एक कानून बना दिया है। जिसके कारण हड़ताल हो गयी है। अब इस आंदोलन से आप ही को निपटना है।” सुप्रीम कोर्ट ने कहा […]

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 क्या मध्यप्रदेश के मालवा अंचल को फ़िर से सांप्रदायिकता की पाठशाला बनाया जा रहा है ?

क्या मध्यप्रदेश के मालवा अंचल को फ़िर से सांप्रदायिकता की पाठशाला बनाया जा रहा है ?

यह बहुत दुखद है कि मध्य प्रदेश के मालवा इलाके को एक बार फिर साम्प्रदायिकता की पाठशाला के रूप में विकसित करने के प्रयास हो रहे हैं, जान लें मालेगांव धमाका, प्रज्ञा ठाकुर वाले सारे प्रकरण को देखें तो दिग्विजय सिंह की वह बात सच साबित होती है कि मालवा में हिंदूवादी लोग बम बनाने […]

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 क्या चंदे के लिए निकली रैलीयों में हो रही थी भड़काऊ नारेबाजी ?

क्या चंदे के लिए निकली रैलीयों में हो रही थी भड़काऊ नारेबाजी ?

मध्यप्रदेश का मालवा क्षेत्र इस समय सांप्रदायिक तनाव का केंद्र बना हुआ है। इस क्षेत्र का इतिहास ऐसे कई सांप्रदायिक तनावों से भरा हुआ है। फ़िलहाल उज्जैन से शुरू हुआ मामला, इंदौर ज़िले के चांदनखेड़ी और मंदसौर के पास एक गाँव तक पहुँच गया है। सभी घटनाओं के बाद पुलिस और प्रशासन पर मूकदर्शक बने […]

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 काँग्रेस नेता ने अपने लेख में लिखी ऐसी बात, पढ़कर आप हो जाएंगे हैरान

काँग्रेस नेता ने अपने लेख में लिखी ऐसी बात, पढ़कर आप हो जाएंगे हैरान

राजस्थान में काँग्रेस आईटी सेल के प्रदेश सह संयोजक सिद्धार्थ भारद्वाज ने एक लेख अपनी फ़ेसबुक वाल पर लिखा है, जिसमें उन्होंने काँग्रेस पर उठने वाले सवालों के जवाब दिए हैं, साथ ही काँग्रेस को समावेशी विचारधारा वाला संगठन बताया है। उन्होंने यह बताने के लिये एक लिस्ट जारी की है। साथ ही भाजपा के […]

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 अमित शाह जी ! टैगोर का राष्ट्रवाद, आरएसएस का राष्ट्रवाद नही है

अमित शाह जी ! टैगोर का राष्ट्रवाद, आरएसएस का राष्ट्रवाद नही है

अगले साल बंगाल में चुनाव हैं। वहां राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी बंगाल के नियमित दौरे पर हैं। अपने एक दौरे में अमित शाह ने कहा कि वे रबीन्द्रनाथ टैगोर के सपनो का बंगाल बनाना चाहते हैं। अगर वे सरकार में आए तो टैगोर के […]

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 मैं हूँ “हमज़ा अज़ान”, तुर्की के उन सीरियाई शरणार्थी में से एक जिन्हे नफ़रत ने मार दिया

मैं हूँ “हमज़ा अज़ान”, तुर्की के उन सीरियाई शरणार्थी में से एक जिन्हे नफ़रत ने मार दिया

अपने दस्तावेज़ की शुरुआत में, मैं इस बात पर आकर्षण डालना चाहता हूं कि नफरत और अज्ञानता समाज में हर अच्छी चीज को मार देती है, जहां हम रहते हैं। एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो यह पूछे जाने पर सवाल कर रहा है कि दुनिया में नफरत क्यों है, और क्यों एक व्यक्ति […]

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 कृषि कानूनों पर राजहठ और किसान आंदोलन

कृषि कानूनों पर राजहठ और किसान आंदोलन

दिल्ली की सिंघू सीमा पर जन आंदोलनों के इतिहास का एक सुनहरा अध्याय लिखा जा रहा है। 26 नवम्बर 2020 को जब किसानों के कई जत्थे सरकार द्वारा बनाये गए तीन कृषि कानूनो के खिलाफ सरकार को अपनी व्यथा से अवगत कराने के लिये चल पड़े थे तो शायद ही किसी ने यह सोचा होगा […]

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 नागरिकों को ही ‘विपक्ष’ का विपक्षी बनाया जा रहा है !

नागरिकों को ही ‘विपक्ष’ का विपक्षी बनाया जा रहा है !

सरकार ने अब अपने ही नागरिक भी चुनना प्रारम्भ कर दिया है। सत्ताएँ जब अपने में से ही कुछ लोगों को पसंद नहीं करतीं और मजबूरीवश उन्हें देश की भौगोलिक सीमाओं से बाहर भी नहीं धकेल पातीं तो उन्हें अपने से भावनात्मक रूप से अलग करते हुए अपने ही नागरिकों का चुनाव करने लगती है। […]

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 किसान दिवस पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी का स्मरण

किसान दिवस पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी का स्मरण

आज चौधरी चरण सिंह जी का जन्मदिन है, जिसे किसान दिवस के रूप में देश भर में याद किया जाता है। किसानों पर जवाहरलाल नेहरू का लिखा एक उद्धरण पढिये, ” गांधीजी चाहे लोकतंत्री हों या ना हों, वह भारत की किसान जनता के प्रतिनिधि अवश्य हैं. वह उन करोड़ों की जागी और सोई हुई […]

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