नज़रिया – क्या आप समाज को बर्बर बनाए जाने का आनंद ले रहे हैं ?

नज़रिया – क्या आप समाज को बर्बर बनाए जाने का आनंद ले रहे हैं ?

नोटबंदी हुई तो किसी को कारण पता नहीं था। ना उद्देश्य ना लक्ष्य। कालाधन, आतंकवाद, डिजिटल अर्थव्यवस्था, नकली नोट – हर चीज की चर्चा थी। पर जब नोटबंदी नाकाम रही, किसी ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली। किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया। ना प्रधानमंत्री, ना वित्त मंत्री, ना आर्थिक सलाहकार ना भारतीय रिजर्व बैंक। देश […]

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 नज़रिया – आतंकवाद की आरोपी प्रज्ञा ठाकुर को सांसद बनाना, उन्हें अतिरिक्त शक्ति देना है

नज़रिया – आतंकवाद की आरोपी प्रज्ञा ठाकुर को सांसद बनाना, उन्हें अतिरिक्त शक्ति देना है

पहले किसी ओहदेदार पर कोई आरोप लगता था तो वह पद छोड़ देता था या उसे पद से हटा दिया जाता था। ऐसी हालत में आतंकवाद की आरोपी प्रज्ञा ठाकुर को टिकट देना और सांसद बनाना – आतंकवाद का समर्थन न हो, आतंक के आरोपी का समर्थन तो है ही। सत्याग्रह तो बिल्कुल नहीं है। […]

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 अयोध्या मामले के फैसले पर न्यायमूर्ति गांगुली ने उठाए सवाल

अयोध्या मामले के फैसले पर न्यायमूर्ति गांगुली ने उठाए सवाल

अयोध्या मामले में फैसले पर न्यायमूर्ति गांगुली ने संविधान से पहले के सवाल उठाए कहा, “संविधान के एक छात्र के रूप में मेरे लिए इसे स्वीकार करना थोड़ा मुश्किल है”। अंग्रेजी दैनिक द टेलीग्राफ में कोलकाता से मेघदीप भट्टाचार्जी ने यह रिपोर्ट लिखी है, अनुवाद मेरा। सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर जज न्यायमूर्ति अशोक कुमार […]

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 शीर्षक मैनेज करने और खबर बनाने की एक और फूहड़ कोशिश

शीर्षक मैनेज करने और खबर बनाने की एक और फूहड़ कोशिश

सोशल मीडिया पर कल महिला खिलाड़ियों का यह एक जैसा ट्वीट घूम रहा था। इसमें पहले ट्वीट को देखिए, मूल संदेश से पहले ‘टेक्स्ट’ लिखा हुआ है। इससे लगता है कि यह संदेश सबों को भेजकर कहा गया होगा ट्वीट करने के लिए और पूजा ढांडा ने इसे ‘टेक्स्ट’ समेत ट्वीट कर दिया। अंग्रेजी के […]

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