प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अनौपचारिक शिखर बैठक के लिए आज रूस के सोची शहर पहुंच गए. हवाई अड्डे पर मोदी का स्वागत रूस में भारत के राजदूत पंकज शरण तथा रूस सरकार के अधिकारियों ने किया. मोदी हवाई अड्डे से पुतिन से मुलाकात के लिए रवाना हो गए.
इसी साल मार्च महीने में एक बार फिर से छह सालों के लिए राष्ट्रपति चुने जाने के बाद पुतिन की मोदी से ये पहली मुलाक़ात है. इस मुलाक़ात को अनौपचारिक और बिना कोई एजेडा के कहा जा रहा है.
30 अप्रैल को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से इसी तरह की अनौपचारिक मुलाक़ात करने मोदी चीनी शहर वुहान पहुंचे थे. वुहान और सोची में मोदी की अनौपचारिक मुलाक़ातें आख़िर किस रणनीति का हिस्सा है?
प्रधानमंत्री ने रविवार को एक वक्तव्य में कहा था कि उनकी इस यात्रा से दोनों देशों के बीच विशेष सामरिक भागीदारी नई ऊंचाई पर पहुंचेगी.


आधिकारिक सूत्रों के अनुसार काला सागर के तट पर स्थित मशहूर पर्यटक स्थल पर हो रही इस बैठक का कोई एजेंडा नहीं रखा गया है.दोनों नेता दिन में चार से छह घंटे तक एक दूसरे के साथ रहेंगे और इसमें ज्यादातर वक्त वे एकांत में बातचीत करेंगे.
एक सवाल यह भी उठ रहा है कि एक तरफ़ तो पीएम मोदी अमरीका, जापान, ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर चीन का सामना करने के लिए साझेदारी बढ़ा रहे हैं तो दूसरी तरफ़ चीन, रूस और पाकिस्तान वाले शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन के साथ भी आगे बढ़ना चाहते हैं.
रूस में भारत के राजदूत पंकज सारण के अनुसार, पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच यह बहुत अहम बैठक होगी. हर बैठक से यह बैठक इसलिए अलग है क्योंकि प्रेजिडेंट पुतिन ने पीएम मोदी चौथी बार राष्ट्रपति बनने के सिर्फ दो हफ्ते के बाद ही तमाम मुद्दों पर चर्चा के लिए न्योता दिया है. उन्होंने आगे कहा कि यह दोनों के बीच की केमिस्ट्री के लिए बहुत अच्छा मौका है.