CNN में छपी इस खबर ने वैश्विक जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है, अपनी गोदी में 2 महीने के बच्चे को लिए फर्श पर बैठ कर परीक्षा दे रही औरत का ये फोटो अफ़्ग़ानिस्तान के डाकुण्डी प्रान्त का है, और ये सोशल मीडिया पर कल से हज़ारों की संख्या में शेयर हो रहा है, 25 साल की जहां ताब नाम की ये महिला सोशल साइंस विषय की प्रवेश परीक्षा के लिए यूनिवर्सिटी सेंटर पर फर्श पर बैठकर एग्जाम दे रही है, जबकि बाक़ी परीक्षार्थी मेज़ कुर्सियों पर बैठकर परीक्षा दे रहे हैं, और जहां ताब के बराबर एग्जामिनर भी कुर्सी पर बैठी हैं !

ताब जहाँ का दो माह का बच्चा भी है, जिसे वो अकेला घर नहीं छोड़ सकती थी, अत: वो उसे अपने साथ परीक्षा केंद्र ले आयी, परीक्षा के दौरान जब बच्चा रोने लगा तो जहां ताब अपनी कुर्सी छोड़ कर फर्श पर बैठ गयी और बच्चे को गोदी में लेकर चुप कराती रही और साथ में परीक्षा भी देती रही !

इस परीक्षा को देने के लिए ताब जहां आठ घंटे का सफर कर परीक्षा केंद्र तक पहुंची थी !

ये दृश्य इतना दिल को छू लेने वाला था कि यूनिवर्सिटी के लेक्चरर इरफ़ान ने इस फोटो को क्लिक कर फेसबुक पर अपलोड कर दिया, देखते ही देखते ये फोटो फेसबुक के साथ कई सोशल मीडिया साइट्स पर भी वायरल हो गया, हालाँकि इरफ़ान ने बाद में फेसबुक से अपनी वो पोस्ट डिलीट कर दी, मगर ताब जहाँ के ये फोटो सोशल मीडिया के साथ दुनिया के अखबारों और मीडिया में सुर्खियां बटोर रहे हैं !

CNN पर इस खबर को यहाँ पढ़ सकते हैं :-
https://edition.cnn.com/…/afghan-mother-universi…/index.html

इरफ़ान के अनुसार ताब जहाँ इस प्रवेश परीक्षा में पास हो गयी है, और वो अब अपनी उच्च शिक्षा के लिए यूनिवर्सिटी में पढ़ना चाहती है, मगर दुःख की बात ये है कि वो बहुत ही गरीब परिवार से आती है, और उसका पति किसान है तथा गरीब भी है, जबकि यूनिवर्सिटी फीस 10,000 से 12,000 अफगानी रुपयों में यानी $143 से $172 के बराबर है, जो वो वहां नहीं कर सकते, ताब जहाँ यूनिवर्सिटी प्रशासन से आग्रह कर रही है कि वो उसकी फीस में रियायत दे दें ताकि पढाई का उसका सपना पूरा हो सके !

इसी बीच ताब जहाँ की कहानी विश्व भर में वायरल होने के बाद एक ब्रिटिश आर्गेनाईजेशन और अफ़ग़ान यूथ एसोसिएशन ने मिलकर ताब जहाँ की आगे पढ़ाई के लिए फण्ड रेज़िंग कैंपेन चलाया है, जिसका नाम दिया गया है ‘GoFundMe’ !

ख़ुशी और राहत की बात ये है कि ताब जहाँ के लिए चलाये जा रही ‘GoFundMe’ मुहिम के तहत अभी तक 1125 पाउंड्स जमा हो चुके हैं, जबकि इस मुहिम का टारगेट है 5000 पाउंड्स !!

ट्वीटर पर ताब जहाँ के लिए लोग जुट गए हैं, और #JahanTaab हैशटैग ट्रेंड करने लगा है :-
https://twitter.com/hashtag/JahanTaab?src=hash

‘GoFundMe’ मुहिम को आप इस लिंक पर जाकर देख सकते हैं, और मदद भी कर सकते हैं :-
https://www.gofundme.com/jahantaab

इस मुहीम को शुरू करने वाले कहते हैं कि अपने दो महीने के बच्चे को गोद में लिए तालीम के लिए जद्दो जहद करती इस ताब जहाँ को अपने ख्वाब पूरे करने में कोई रुकावट नहीं आना चाहिए, इसके लिए हम ताब जहाँ की फीस के लिए मुहीम चला रहे हैं, साथ ही मुहीम से जुड़े लोग अफ़्ग़ानिस्तान के क्लब्स, यूनिवर्सिटीज और संस्थाओं से भी इस मुहीम को कामयाब बनाने के लिए आगे आने का आग्रह कर रहे हैं !

दुनिया में किसी को तालीम घर के दरवाज़े पर मिल जाती है, ऑनलाइन पढ़ सकते हैं, और ताब जहाँ जैसी कुछ ऐसी भी हैं जिन्हे तालीम के लिए हर क़दम पर जद्दो जहद करना पड़ती है !!

ताब जहाँ के इस जज़्बे को दिल से सलाम, और दुआ करता हूँ कि अल्लाह उसे अपने मक़सद में कामयाबी अता फरमाए, उसके ख्वाब पूरे हों !