राजस्थान के चुरू जिले के राजगद शहर में एक सरकारी प्रधानाध्यापक की अनूठी पहल सामने आई है, वो सुबह उठते ही झुग्गी-झुग्गी घूमते हैं और बच्चों को इकट्ठा कर अपने साथ स्कूल लाते हैं. ये उनकी रोजमर्रा जिन्दगी का एक हिस्सा हैं.

अगर कुछ करने का हौसला हो तो कीचड़ में भी कमल खिल सकता है ऐसा ही कुछ कर दिखाया है जयसिंह झाझड़िया ने जो सादुलपुर शहर के वार्ड नंबर  2 में राजकीय संस्कृत उच्च प्राथमिक विधालय में प्रधानाध्यापक के रूप में कार्यरत है उन्होंने सादुलपुर SDM से मिलकर, जो की एक युवा हैं और कुछ भामाशाहों के सहयोग से स्कूल के सभी बच्चों में स्कूल ड्रेसजिसमे स्वेटर , जूते,स्कूल बैग आदि जैसी सभी जरूरतमंद सामग्री का सभी बच्चों को निशुल्क वितरण किया.

22 दिसम्बर को इस  सामग्री का स्कूल में मुख्य अतिथि राजगद SDM सुभाष कुमार एवम बीकानेर सम्भाग के संकृत विभाग के डिप्टी डायरेक्टर की मौजदगी में वितरण किया गया.

SDM सुभाष कुमार ने अपने सम्बोधन ने बच्चों के अभिवावकों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि बच्चों के सामने नशा युक्त सामग्री को ना ही इस्तेमाल करें और ना ही उनसे मंगवाए. उन्होंने कहा कि आप लोगोंके  उत्थान के लिए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओ में आपकी भागीदारी का काम किया जायेगा. उन्होंने अभिवावकों से बच्चों को रोज़ स्कूल भेजने और उनकी सेहत पर ध्यान देने का अनुरोध किया.

 

कहने को तो ये स्कूल सैनिक बस्ती में हैं पर सैनिक बस्ती का एक भी बच्चा इसमें नही आता जो भी बच्चे इसमें आते हैं वो वार्ड नम्बर 2 की कच्ची बस्तियों के ही हैं.