पेट्रोल-डीजल की कीमतों में पिछले चार हफ्तों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. रविवार को पेट्रोल की कीमत 76.24 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई, वहीं डीजल की कीमत 67.57 रुपये प्रति लीटर है. इस तरह दिल्ली में रविवार को अब तक सबसे महंगी पेट्रोल बिक रही है. वहीं पूरे देश की बात करें तो मुंबई में पेट्रोल की कीमत सबसे अधिक है. यहां स्थानीय टैक्स मिलाकर  84.07 रुपये में पेट्रोल मिल रहा है.

दिल्ली में पहली बार पेट्रोल और डीजल के रेट इतने पहुंचे हैं. इससे पहले 14 सितंबर 2013 को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 76.06 रुपये थी, जो कि सबसे ज्यादा थी. वहीं, डीजल की कीमत भी रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है.

सार्वजनिक तेल कंपनियों ने कर्नाटक में चुनावी प्रक्रिया के दौरान 19 दिन की रोक के बाद 14 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रोजाना वृद्धि की प्रक्रिया को बहाल किया है. इसके बाद से इनकी कीमत में लगातार सातवें दिन बढ़ोतरी हुई है. बीते सप्ताह पेट्रोल के दाम 1.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम में 1.64 रुपये प्रति लीटर बढ़े.

अलग अलग शहरों में पेट्रोल रेट

  • मुंबई- 84.07 रुपये/लीटर
  • भोपाल- 81.83 रुपये/लीटर
  • पटना- 80.76 रुपये/लीटर
  • श्रीनगर- 80.35 रुपये/लीटर
  • कोलकाता- 78.91 रुपये/लीटर
  • चेन्नई- 79.13 रुपये/लीटर

जब पीएम मोदी ने सत्ता संभाली थी, तब क्या थे रेट ?

जब मई, 2014 में मोदी ने सत्ता संभाली थी तब देश में पेट्रोल प्रति लीटर 71.41 रुपये बिक रहा था. इसी तरह मई, 2014 में डीजल प्रति लीटर 55.49 रुपये था. तब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत $106.85 प्रति बैरल थी.

मनमोहन सरकार से महंगा तेल बेच रही है मोदी सरकार

इसका सीधा मतलब ये हुआ कि मनमोहन सरकार ने कच्चा तेल $106.85 प्रति बैरल खरीदकर 71.41 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल बेचा और डीजल 55.49 रुपये प्रति लीटर बेचा.

इस हिसाब से अगर मोदी सरकार मनमोहन सरकार इतना ही महंगा पेट्रोल बेचती तो 53.47 रुपये प्रति लीटर बिकता. यानि ग्राहक को 22.77 रुपये सस्ता पेट्रोल मिलता. इसी फॉर्मूले को डीजल पर लागू कर दें तो आज 41.54 रुपये प्रति लीटर डीजल बिकना चाहिए यानि 26 रुपये सस्ता मिलता.